मातृ दिवस पर….

मुश्किलें तो आएँगी,

ख्वाब तो टूटेंगे ।

किस्मत तो रूठेगी,

धैर्य तो छूटेगा ।

जब लक्ष्य अचानक छूट जाएगा,

हाथों तक आते-आते ।

जब आँसू भी छोड़ना चाहेंगे,

साथ आँखों का  ।

जब सांत्वना भरे शब्द,

तब्दील हो जाएँगे, फ़ब्तियों में  ।

जब कोई तर्क इसका उत्तर नहीं दे पाएगी,

कि ये आखिर क्यों हुआ ?

जब आत्मा भी बागी हो जाएगी

और  शत्रु मन के साथ मिलकर,

तुम्हें दुत्कारेगी,  उलाहने देगी

और ललकारेगी, तुम्हारे अस्तित्व को ।

जब चिंतन स्वतंत्र नहीं होंगे

और उस क्षण, तम पूरी कोशिश करेगा

तुम्हें अपने आगोश में लेने की ।

जब कोई नहीं होगा ऐसा,

जो रोक सके या नियंत्रित कर सके,

इस नकारात्मक विचार-प्रवाह को,

उस खास बिन्दु पर,

जहाँ से निर्धारण होना है,

तुम्हारे भविष्य का ।

जब दिखाई नहीं देगी,

कोई  भी राह ।

तब लौट जाना अपने बचपन में,

कुछ देर के लिए,

एक दूधमुँहा शिशु बनकर ।

और, रोते रहना बेहाल,

तब तक,

जब तक कि माँ ले न ले,

तुझे अपनी गोद में ।

और उसकी आँचल के तले, उसके सान्निध्य में,

तुम सो न जाओ चैन की नींद,

ये आश्वासन, ये विश्वास पाकर-

कि जब-जब आँखों मेँ आँसू होंगे,

 माँ की गोद होगी -

जिसके सान्निध्य में हम भूल जाएँगे,

अपना हर गम ।

जब-जब जीवन की धूप होगी,

माँ खड़ी होगी पास, अपना आंचल फ़ैलाये ।

और जब-जब सपने टूटेंगे,

माँ की लोरियाँ सृजन करेंगी,

अगणित नूतन सपनों का ।

तब कोई भय, कोई असमंजस नहीं रहेगा,

बस रहेगा तो एक विश्वास,

जिसके होने पर ज़िन्दगी कभी उदास नहीं लगती ।

8 Responses to “मातृ दिवस पर….”

  1. ghughutibasuti Says:

    :) बहुत सुन्दर !
    घुघूती बासूती

  2. समीर लाल Says:

    वाह, अति सुंदर अभिव्यक्ति. बधाई.

  3. ramadwivedi Says:

    हर मुसीबतों से रक्षा करनेवाली केवल मां है….मां का कोई सानी नहीं है…सुन्दर रचना…बधाई……

    डा. रमा द्विवेदी

  4. anuradha Says:

    satya kathan,
    jab bhi mera man hota hai udas,aur najar nahi aati koi aas,tab ek hi chehra jo samne aata hai, kasht me bhi vishwas de jata hai…aisa koi aur nahi meri matra satta hi to hai…

  5. मनीष राज सिंह Says:

    सही लिख है आपने

  6. Rajan Says:

    bahut acche rajesh…….

  7. Vishnu Kumar Agarwal Says:

    Bahut hi accha likha hai. Hradaya sparshi hai.

  8. parul gupta Says:

    itane acchae sabdo mae ma ki abhivyakti……….g8………….

    yeh kavita hame ahsas dilati hae ki ………………….hamerae pas ak strong power hae………..jo har kast mae hamerae sath hae…………jinahe ham ma khakae pukartae hane

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