बता तुझको हुआ क्या है ?

अक्टूबर 27, 2009

ए अमरवीर , ए भरतपुत्र

बता तुझको हुआ क्या है ?

परिस्थितियों का दास बनकर,

खो दिया उल्लास तुमने,

अपने बाजुओं की ताकतों का

क्या किया कभी आभास तुमने ?

मत रो कि तुम वीरपुत्र हो,

उठ खड़े हो -

अभी लुटा क्या है ?

लेके आये थे मानव जन्म,

और पशु सा जीवन हो गया |

पेट – प्रजनन में ही न जाने,

जीवन लक्ष्य कहाँ पे खो गया ?

किस नशे में धुत तू पड़ा,

जरा सोच -

ज़िन्दगी से तेरा रिश्ता क्या है ?

संस्कृति का खुले आम,

हो रहा है मान मर्दन ;

आज अनैतिकता, आतंक से

मानवता कर रही क्रंदन

और खौलता नहीं तेरा लहू ,

जरा सोच -

इसमें मिला क्या है ?

हे युवा !उठो, जागो

और लक्ष्य पाने तक रुको नहीं,

आंधी आये या तूफ़ान,

अपने आदर्शों से झुको नहीं |

आने दो हवाओं को पास अपने,

वो पूछेंगे इक दिन -

बता तेरी दिशा क्या है ?

*******************************************************************

आमंत्रण

Invitationराष्ट्र कुण्डलिनी युवा शक्ति के जागरण हेतु

युवा चेतना शिविर, आलंदी ( पुणे )

६-७-८ नवम्बर २००९

संपर्क – ९८८१२४७६५६, ९८८१७४०४३९

www.pune.awgp.org

**********************************


Follow

Get every new post delivered to your Inbox.